अदालती लड़ाई के बाद फेरुपुर हरिद्वार निवासी प्रखर आरटीआई कार्यकर्ता जगदीश प्रसाद चौहान के चारों हत्यारों को आजन्म कैद की सजा हो गयी है। ज्ञात हो कि तकनीकी शिक्षा विभाग और पंचायतों में व्याप्त भ्रष्टाचार को प्रखरता से उजागर करने के कारण शाजिस करके चार अपराधियों बबलू राणा पुत्र सतपाल फेरूपुर निवासी, धर्मजीत पुत्र बुद्धू फेरूपुर निवासी, सोमलाल पुत्र मनसुख फेरूपुर निवासी व दिलीप राणा पुत्र जगदीश निवासी धनपुरा ने 14 फरवरी 2012 को उनकी निर्मम हत्या कर दी थी। इस सम्बंध में परिवार जनों एवं सहयोगियों द्वारा निकट स्थित पुलिस चौकी पर नामजद रिपोर्ट कराइ गई एवं अपराधियों को पकड़वाने के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी दिया था। साल भर बाद भी मुख्य अपराधी राणा के फरार रहने के कारण आरटीआई क्लब ने चौहान की पत्नी और बच्चों को देहरादून बुलाकर प्रेस वार्ता करवा कर सरकार पर दबाव बनाया। लंबी सुनवाई के 11 साल बाद उपलब्ध गवाह, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, बरामदगी व अन्य परिपत्रों व साक्ष्य के आधार पर सभी चार आरोपियों को दोषी करार दिया। फैसले में देरी हुई परन्तु अन्ततः उन्हें न्याय मिल ही गया। विदित हो कि इनमें से एक आरोपी सोमलाल पुत्र मनसुख ग्राम फेरूपुर कि पहले ही मृत्यु हो चुकी है। एवं न्यायालय ने बाकी तीनों आरोपियों पर धारा 302 व 506 के तहत आजीवन कारावास व अर्थदंड से दंडित कर जेल भेज दिया। पुरे परिवार ने न्यायलय के इस फैसले का सम्मान किया एवं पूरी लड़ाई में अपने सहयोगियों का आभार प्रकट किया। जगदीश प्रसाद चौहान के बलिदान को अक्षुण रखने के लिए आरटीआई क्लब उनके नाम से साहसी आरटीआई कार्यकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान करता है।
आरटीआई कार्यकर्ता जगदीश प्रसाद चौहान की हत्या के मामले में आरोपियों को 11 साल बाद आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा, (हरिद्वार)-संजय भारती-
